
टिकट न मिलने से पार्टियों के भीतर बगावत भड़क सकती है, जिससे पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों पर असर पड़ सकता है। टीएमसी और भाजपा दोनों ने कई निवर्तमान विधायकों को टिकट देने से इनकार कर दिया।
दल-बदल से आंतरिक असंतोष और हिंसक घटनाएँ हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, बीजेडी में छह विधायकों के निलंबन ने पार्टी के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टीएमसी और भाजपा के भीतर विद्रोह टिकट न मिलने के कारण उत्पन्न हुए हैं, जिससे विरोध प्रदर्शन और इस्तीफे हुए हैं। लिएंडर पेस टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। बागी भाजपा विधायक बिष्णु प्रसाद शर्मा टीएमसी में शामिल हो गए।