
पश्चिम बंगाल में वाम दल और कांग्रेस के बीच की फूट से टीएमसी या भाजपा को सीधे तौर पर फायदा होने की संभावना नहीं है, लेकिन यह कुछ विशिष्ट निर्वाचन क्षेत्रों में नतीजों को प्रभावित कर सकती है।
हाँ, एक त्रिशंकु विधानसभा पश्चिम बंगाल में वाम दल और कांग्रेस को किंगमेकर बना सकती है। वे टीएमसी से रियायतें लेने या भाजपा को सरकार बनाने से रोकने के लिए फिर से एकजुट हो सकते हैं।
कांग्रेस 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव सभी 294 सीटों पर अकेले लड़ेगी, जिसका लक्ष्य अपनी संगठनात्मक जड़ों को फिर से मजबूत करना है।