Ikkis: What makes Dharmendra, Jaideep Ahlawat & Agastya Nanda starrer and Sriram Raghavan’s directorial one of the finest war-dramas?
समाचार
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Firstpost02-01-2026, 16:37

'इक्कीस': श्रीराम राघवन की युद्ध-ड्रामा मानवीय दृष्टिकोण और गैर-राष्ट्रवादी चित्रण के लिए सराही गई.

  • श्रीराम राघवन की 'इक्कीस' को उसके संवेदनशील, मानव-केंद्रित दृष्टिकोण, मेलोड्रामा और अनावश्यक हिंसा से बचने के लिए बेहतरीन युद्ध-ड्रामा के रूप में सराहा गया है.
  • फिल्म सैनिकों और उनके परिवारों की जटिल भावनाओं को दर्शाती है, दुख के बावजूद उनकी गरिमा और लचीलेपन को चित्रित करती है.
  • धर्मेंद्र ने ब्रिगेडियर एम.एल. खेतारपाल का किरदार निभाया है, जो अपने बेटे, सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेतारपाल (अगस्त्य नंदा) को खोने के बावजूद गरिमा बनाए रखते हैं और ब्रिगेडियर नासिर (जयदीप अहलावत) के प्रति कोई द्वेष नहीं रखते.
  • राघवन ने जानबूझकर पाकिस्तानी सेना के कर्मियों को गलत रोशनी में नहीं दिखाया, दोषारोपण या राष्ट्रवाद के बजाय मानवीय पहलू पर ध्यान केंद्रित किया है.
  • अगस्त्य नंदा ने अरुण खेतारपाल के रूप में दमदार प्रदर्शन किया है, जिससे वह बॉलीवुड के एक विशिष्ट नए नायक के रूप में स्थापित हुए हैं, साथ ही जयदीप अहलावत का ब्रिगेडियर नासिर का चित्रण भी शानदार है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 'इक्कीस' अपने ईमानदार, मानव-केंद्रित आख्यान के साथ युद्ध-ड्रामा को फिर से परिभाषित करती है, जो भावनाओं पर केंद्रित है.

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