एक नाम, दो फिल्में: 'प्यासा' बनी कालजयी, दूसरी हुई डिजास्टर

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News18•30-12-2025, 21:36
एक नाम, दो फिल्में: 'प्यासा' बनी कालजयी, दूसरी हुई डिजास्टर
- •1957 की 'प्यासा', जिसमें गुरु दत्त ने अभिनय किया था, भारतीय सिनेमा की एक कालजयी कृति है, जिसे विश्व स्तर पर सराहा जाता है.
- •गुरु दत्त ने 1957 की क्लासिक फिल्म का निर्देशन, लेखन और अभिनय किया, जिसमें एस.डी. बर्मन का संगीत और साहिर लुधियानवी के बोल थे.
- •फिल्म की अवधारणा गुरु दत्त के पिता के जीवन और अबरार अल्वी की कहानी से प्रेरित थी, जिसे शुरू में दिलीप कुमार के लिए बनाया गया था.
- •2002 में 'प्यासा' नामक एक और फिल्म, जिसमें आफताब शिवदासानी और युक्ता मुखी ने अभिनय किया था, बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई.
- •2002 की 'प्यासा' ने 2.25 करोड़ के बजट के मुकाबले केवल 66 लाख रुपये कमाए, जिससे युक्ता मुखी जैसे कलाकारों का करियर डूब गया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एक ही नाम की दो फिल्में, एक बनी क्लासिक, दूसरी बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप.
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