बहुत सारी यादों से सजी है श्रीराम राघवन की फिल्म 'इक्कीस'
समाचार
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Moneycontrol01-01-2026, 10:00

इक्कीस रिव्यू: श्रीराम राघवन की फिल्म युद्ध के शोर नहीं, भावनाओं से चमकती है.

  • श्रीराम राघवन की 'इक्कीस' एक युद्ध फिल्म है जो शोर के बजाय शांति और भावनाओं पर केंद्रित है.
  • कहानी दो समयरेखाओं में चलती है: 1971 का बसंतर युद्ध और 2001 में ब्रिगेडियर एम. एल. खेतपाल की यादें.
  • जयदीप अहलावत और धर्मेंद्र ने सूक्ष्मता से युद्ध के दर्द और परिणामों को दर्शाते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन किया है.
  • अगस्त्य नंदा अरुण खेतपाल के रूप में फिल्म की आत्मा हैं; सिमरन भाटिया ने भी अपनी भूमिका से प्रभावित किया है.
  • वीएफएक्स कहानी को यथार्थवादी ढंग से समर्थन करता है, संगीत सहजता से घुलमिल जाता है, और संवाद प्रामाणिक हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 'इक्कीस' एक अवश्य देखी जाने वाली भावनात्मक युद्ध फिल्म है जो मानवीय भावनाओं पर केंद्रित है.

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