नीरज घायवान की 'होमबाउंड': दोस्ती, जातिवाद और लॉकडाउन की दर्दनाक कहानी.

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Moneycontrol•20-12-2025, 14:37
नीरज घायवान की 'होमबाउंड': दोस्ती, जातिवाद और लॉकडाउन की दर्दनाक कहानी.
- •नीरज घायवान की 'होमबाउंड' चंदन (विशाल जेठवा) और शोएब (ईशान खट्टर) की गहरी दोस्ती को दर्शाती है, जो जाति और धार्मिक भेदभाव से लड़ते हुए पुलिस नौकरी का सपना देखते हैं.
- •यह फिल्म 2020 के लॉकडाउन के दौरान अमृत कुमार और मोहम्मद सय्यूब की सच्ची कहानी से प्रेरित है, जिनकी वायरल तस्वीर और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट ने फिल्म को जन्म दिया.
- •फिल्म के क्लाइमेक्स में चंदन की भीड़ भरी ट्रक यात्रा के दौरान बुखार से दुखद मृत्यु हो जाती है, जिसे COVID मरीज समझकर बाहर फेंक दिया जाता है; शोएब उसका शव गांव ले जाता है.
- •जान्हवी कपूर (सुधा) ने बेस्ट एक्टर ऑफ द ईयर (फीमेल) का पुरस्कार जीता; ईशान खट्टर और विशाल जेठवा ने शक्तिशाली अभिनय से भावनाओं को जीवंत किया.
- •'होमबाउंड' भारत की 2026 ऑस्कर एंट्री है, जिसकी दोस्ती, जातिवाद और इस्लामोफोबिया के संवेदनशील चित्रण के लिए प्रशंसा की गई है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 'होमबाउंड' दोस्ती, भेदभाव और लॉकडाउन त्रासदी की मार्मिक कहानी है, जिसे ऑस्कर एंट्री मिली है.
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