स्ट्रीमिंग से संगीत का लोकतंत्रीकरण, पर कलाकारों के भुगतान व अधिकारों पर बहस.

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CNBC TV18•14-12-2025, 17:37
स्ट्रीमिंग से संगीत का लोकतंत्रीकरण, पर कलाकारों के भुगतान व अधिकारों पर बहस.
- •स्ट्रीमिंग संगीत को लोकतांत्रिक बना रहा है, लेकिन कलाकार अभी भी मुआवजे को लेकर बहस कर रहे हैं.
- •नतानिया लालवानी और मैरी एन अलेक्जेंडर जैसे कलाकार मानते हैं कि स्ट्रीमिंग पहुंच और पहचान के लिए अच्छी है, लेकिन आय का विश्वसनीय स्रोत नहीं है.
- •प्रियंका खिमाणी के अनुसार, भारतीय बाजार में कलाकार अपने अधिकारों के प्रति उतने जागरूक नहीं हैं, और अनुबंधों में स्पष्टता की कमी एक बड़ी समस्या है.
- •खिमाणी जोर देती हैं कि कलाकारों को कॉपीराइट स्वामित्व के महत्व को समझना चाहिए और अनुबंधों में अच्छी कानूनी सलाह लेनी चाहिए.
- •एआई-जनित संगीत एक नई चिंता है, हालांकि खिमाणी का मानना है कि भारत में रचनाकारों के लिए यह "स्वर्ण युग" हो सकता है यदि वे अपने अधिकारों का सही उपयोग करें.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: स्ट्रीमिंग कलाकारों के लिए कमाई और कानूनी अधिकारों की जटिलताओं को उजागर करती है.
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