दिलीप की रिहाई: उत्तरजीवी बोलीं- 'कानून के सामने सब बराबर नहीं'.

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Firstpost•15-12-2025, 08:52
दिलीप की रिहाई: उत्तरजीवी बोलीं- 'कानून के सामने सब बराबर नहीं'.
- •2017 के हमले की पीड़िता ने दिलीप के बरी होने के बाद कहा कि "कानून के समक्ष सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार नहीं किया जाता".
- •पीड़िता ने अदालत के फैसले पर आश्चर्य व्यक्त नहीं किया, लेकिन छह दोषियों की सजा पर राहत महसूस की.
- •उसने अपने मौलिक अधिकारों की सुरक्षा न होने और न्यायिक निर्णयों पर मानवीय प्रभाव का आरोप लगाया.
- •पीड़िता ने ट्रायल कोर्ट पर अविश्वास के कई कारण बताए, जिसमें मेमोरी कार्ड से छेड़छाड़ और अभियोजकों का इस्तीफा शामिल है.
- •अभिनेत्री मंजू वारियर ने पीड़िता का समर्थन किया और कहा कि न्याय अधूरा है क्योंकि अपराध का योजनाकार अभी भी स्वतंत्र है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: यह कानून के समक्ष असमानता और न्याय की अधूरी लड़ाई को दर्शाता है.
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