उन्नाव रेप केस: CBI की चूक से सेंगर को फायदा, पीड़िता को नुकसान, दिल्ली HC का फैसला.

भारत
C
CNBC Awaaz•25-12-2025, 14:30
उन्नाव रेप केस: CBI की चूक से सेंगर को फायदा, पीड़िता को नुकसान, दिल्ली HC का फैसला.
- •दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर के खिलाफ POCSO की धारा 5(c) और 6 हटाई, कहा विधायक IPC की धारा 21 के तहत 'लोक सेवक' नहीं है.
- •CBI ने इस व्याख्या को स्वीकार किया और उनकी "उद्देश्यपूर्ण व्याख्या" की दलील विफल रही, जिससे कड़ी POCSO धाराओं के तहत आजीवन कारावास रुका.
- •CBI ने 2019 में पीड़िता के परिवार की उस याचिका का समर्थन नहीं किया जिसमें सेंगर पर लोक सेवक द्वारा बलात्कार के लिए कड़ी IPC धाराओं के तहत मुकदमा चलाने की मांग की गई थी.
- •हाई कोर्ट ने कहा कि सेंगर पर केवल POCSO की धारा 3 (अधिकतम 7 साल) के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है, जो अवधि वह पहले ही जेल में काट चुके हैं.
- •ट्रायल कोर्ट ने CBI जांच अधिकारी की जांच को निष्पक्ष नहीं पाया, जिससे पीड़िता को नुकसान हुआ; परिवार ने मिलीभगत और सबूत दबाने का आरोप लगाया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दिल्ली हाई कोर्ट में CBI की जांच संबंधी चूक और कानूनी रुख से सेंगर को लाभ मिला, पीड़िता को नुकसान हुआ.
✦
More like this
Loading more articles...





