पश्चिम एशिया में युद्ध और प्रदूषण: भारत की गर्मी और मानसून पर क्या असर?
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पश्चिम एशिया संघर्ष: क्या युद्ध प्रदूषण भारत की गर्मी और मानसून को प्रभावित करेगा.
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News18•13-03-2026, 15:02
पश्चिम एशिया संघर्ष: क्या युद्ध प्रदूषण भारत की गर्मी और मानसून को प्रभावित करेगा.
•अमेरिका, इजरायल और ईरान से जुड़े पश्चिम एशिया संघर्ष से बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय प्रदूषण हो रहा है, जिसमें ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, वायु संदूषण और मिट्टी-पानी का नुकसान शामिल है.
•अकेले इजरायल-गाजा युद्ध से 33.2 मिलियन टन CO2 के बराबर उत्सर्जन हुआ; पुनर्निर्माण से 60 मिलियन टन तक और जुड़ सकता है, जिससे क्षेत्रीय वायु गुणवत्ता प्रभावित होगी और "ब्लैक रेन" जैसी घटनाएं होंगी.
•पश्चिम एशिया में गर्मी बढ़ने से भारत के लिए "जलवायु पुल" बनता है, जिससे अरब सागर गर्म हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप अधिक तीव्र चक्रवात और अत्यधिक मानसूनी वर्षा हो सकती है.
•बमबारी और आग से निकलने वाले युद्ध-संबंधी एरोसोल सूर्य के प्रकाश को रोक सकते हैं, जिससे मानसून की हवाओं के लिए महत्वपूर्ण तापमान प्रवणता बदल सकती है और संभावित रूप से वर्षा कमजोर हो सकती है.
•आर्थिक प्रभावों में पश्चिम एशिया से उर्वरक और एलएनजी आपूर्ति में व्यवधान, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और शिपिंग कार्बन फुटप्रिंट में वृद्धि शामिल है, जो भारत के मौसम-निर्भर क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है.