भारत में सर्वाइकल कैंसर का संकट: रोके जा सकने के बावजूद हर साल 80,000 मौतें.

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Firstpost•18-12-2025, 00:45
भारत में सर्वाइकल कैंसर का संकट: रोके जा सकने के बावजूद हर साल 80,000 मौतें.
- •भारत में सर्वाइकल कैंसर से हर साल लगभग 80,000 लोगों की जान जाती है, जो विश्व में सबसे अधिक है, जबकि इसे टीकाकरण और शुरुआती जांच से रोका जा सकता है.
- •भारत वैश्विक सर्वाइकल कैंसर के बोझ का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है, जिसमें देर से निदान, कम जागरूकता और सामाजिक कलंक उच्च मृत्यु दर के प्रमुख कारण हैं.
- •HPV टीकाकरण के बारे में मिथक, सीमित पहुंच, बाल विवाह और खराब स्वच्छता जैसे कारक इस संकट को बढ़ावा देते हैं, खासकर 30-60 वर्ष की महिलाओं को प्रभावित करते हैं.
- •विशेषज्ञ शुरुआती जांच (PAP स्मीयर, HPV DNA टेस्ट) और टीकाकरण को महत्वपूर्ण मानते हैं, क्योंकि यह बीमारी धीरे-धीरे विकसित होती है और खतरनाक होने से कई साल पहले पता चल जाती है.
- •प्रणालीगत सुधारों में HPV टीकाकरण को यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल करना, 30 से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए अनिवार्य जांच और ऑन्कोलॉजी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना शामिल है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत को सर्वाइकल कैंसर के विनाशकारी बोझ से निपटने के लिए रोकथाम, जांच और टीकाकरण को प्राथमिकता देनी चाहिए.
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