सुप्रीम कोर्ट ने WhatsApp की 2021 प्राइवेसी पॉलिसी पर उठाए सवाल: क्या यह सहमति का उल्लंघन है?

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Storyboard•03-02-2026, 16:59
सुप्रीम कोर्ट ने WhatsApp की 2021 प्राइवेसी पॉलिसी पर उठाए सवाल: क्या यह सहमति का उल्लंघन है?
- •भारत के सुप्रीम कोर्ट ने WhatsApp की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी पर चिंता जताई है, जिसमें उपयोगकर्ता की पसंद और सहमति से संबंधित संवैधानिक सुरक्षा के लिए संभावित खतरों का हवाला दिया गया है.
- •पॉलिसी में बदलाव से WhatsApp को अकाउंट, डिवाइस, लेनदेन और व्यावसायिक बातचीत से संबंधित डेटा Meta Platforms और संबद्ध व्यवसायों के साथ साझा करने की अनुमति मिली.
- •WhatsApp ने कहा कि निजी बातचीत एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहती है, लेकिन व्यावसायिक बातचीत से प्राप्त डेटा का उपयोग Meta ऐप्स पर लक्षित विज्ञापन के लिए किया जा सकता है.
- •सुप्रीम कोर्ट ने उपयोगकर्ताओं को दिए गए 'बाइनरी विकल्प' (स्वीकार करें या पहुंच खो दें) पर सवाल उठाया, इसे भारत में WhatsApp के व्यापक उपयोग को देखते हुए 'निर्मित सहमति' कहा.
- •यह मामला भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की उस कार्रवाई से उपजा है, जिसमें पाया गया था कि WhatsApp ने अपनी प्रमुख बाजार स्थिति का दुरुपयोग किया, जिससे उपभोक्ता की पसंद सीमित हो सकती है और Meta के विज्ञापन लाभ को बढ़ावा मिल सकता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट ने WhatsApp की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी की जांच की, उपयोगकर्ता की सहमति और डेटा साझाकरण पर चिंता जताई.
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