1965 युद्ध: भारतीय सेना लाहौर के करीब थी, ताशकंद समझौते ने रोका आगे बढ़ना.

भारत
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News18•05-01-2026, 17:04
1965 युद्ध: भारतीय सेना लाहौर के करीब थी, ताशकंद समझौते ने रोका आगे बढ़ना.
- •1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय सेना लाहौर के करीब पहुँच गई थी, पीएम शास्त्री ने कहा था, "हम कल लाहौर में नाश्ता करेंगे."
- •10 जनवरी, 1966 को सोवियत प्रीमियर एलेक्सी कोसिगिन की मध्यस्थता से ताशकंद समझौता हुआ, जिसका उद्देश्य तनाव कम करना और सामान्य स्थिति बहाल करना था.
- •मुख्य प्रावधानों में 5 अगस्त, 1965 से पहले की स्थिति पर सैनिकों की वापसी, शांतिपूर्ण विवाद समाधान, राजनयिक संबंध बहाल करना और युद्धबंदियों की वापसी शामिल थी.
- •समझौते पर हस्ताक्षर के कुछ घंटों बाद 11 जनवरी, 1966 को पीएम लाल बहादुर शास्त्री का ताशकंद में निधन हो गया, जिससे समझौते पर एक छाया पड़ गई.
- •आलोचना के बावजूद, इस समझौते ने भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक चैनलों को बनाए रखने के स्थायी सिद्धांत को स्थापित किया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ताशकंद समझौता, हालांकि विवादास्पद था, भारत-पाकिस्तान के बीच महत्वपूर्ण राजनयिक चैनल स्थापित किए.
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