भारत-पाकिस्तान ने परमाणु, कैदी सूचियां बदलीं; 2025 संघर्ष के बाद ढाका में दुर्लभ संपर्क.

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Firstpost•01-01-2026, 16:08
भारत-पाकिस्तान ने परमाणु, कैदी सूचियां बदलीं; 2025 संघर्ष के बाद ढाका में दुर्लभ संपर्क.
- •भारत और पाकिस्तान ने 1 जनवरी को परमाणु प्रतिष्ठानों और कैदियों की सूचियों का आदान-प्रदान किया, जो द्विपक्षीय समझौतों के तहत 35 साल की परंपरा जारी रखता है.
- •1988 के समझौते के तहत अनिवार्य परमाणु सूची विनिमय, परमाणु-सशस्त्र राष्ट्रों के बीच गलतफहमी को रोकने के लिए एक विश्वास-निर्माण उपाय के रूप में कार्य करता है.
- •दोनों देशों ने नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूचियों का भी आदान-प्रदान किया; भारत ने 391 नागरिकों और 33 मछुआरों का विवरण दिया, जबकि पाकिस्तान ने 58 नागरिकों और 199 मछुआरों की जानकारी साझा की.
- •नई दिल्ली ने पाकिस्तान से भारतीय बंदियों की रिहाई और प्रत्यावर्तन में तेजी लाने तथा कांसुलर पहुंच और कल्याण सुनिश्चित करने का आग्रह किया.
- •ढाका में एक दुर्लभ उच्च-स्तरीय मुलाकात हुई, जहां विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के स्पीकर सरदार अयाज सादिक मिले, जो मई 2025 के सैन्य टकराव के बाद पहला सीधा संपर्क था.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत और पाकिस्तान ने वार्षिक आदान-प्रदान और ढाका में दुर्लभ बैठक के माध्यम से महत्वपूर्ण संचार बनाए रखा.
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