**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on Dec. 23, 2025, Indian Space Research Organisation's LVM3M6 set to launch the BlueBird Block-2 spacecraft from Satish Dhawan Space Centre, Sriharikota. (@isro/X via PTI Photo)(PTI12_23_2025_000013B) *** Local Caption ***
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CNBC TV1810-01-2026, 15:02

आदित्य-एल1 ने सौर तूफानों के पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र पर प्रभाव को समझा.

  • इसरो के आदित्य-एल1 मिशन ने सौर तूफानों के पृथ्वी के चुंबकीय कवच को कैसे प्रभावित करते हैं, इस पर नई जानकारी दी है.
  • एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन ने अक्टूबर 2024 की एक बड़ी अंतरिक्ष मौसम घटना का विश्लेषण आदित्य-एल1 डेटा का उपयोग करके किया.
  • सौर प्लाज्मा विस्फोट, जिन्हें अंतरिक्ष मौसम कहा जाता है, उपग्रहों, संचार, नेविगेशन और पावर ग्रिड को प्रभावित कर सकते हैं.
  • सौर तूफान का अशांत क्षेत्र पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को संपीड़ित कर सकता है, जिससे भूस्थिर उपग्रह कठोर अंतरिक्ष परिस्थितियों के संपर्क में आ सकते हैं.
  • निष्कर्ष सौर गतिविधि की बारीकी से निगरानी और अंतरिक्ष संपत्तियों की सुरक्षा के लिए वास्तविक समय के अंतरिक्ष मौसम आकलन की आवश्यकता पर जोर देते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आदित्य-एल1 ने पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र और अंतरिक्ष संपत्तियों पर सौर तूफान के प्रभावों की महत्वपूर्ण जानकारी दी.

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