The respiratory therapy segment has grown at an 8% compound annual growth rate over the last five years. (AI generated)
भारत
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News1809-01-2026, 15:39

भारत में अस्थमा, COPD और एलर्जी दवाओं की बिक्री में भारी उछाल: वायु प्रदूषण मुख्य कारण.

  • भारत में बिगड़ती वायु गुणवत्ता का सीधा संबंध श्वसन संबंधी दवाओं की बिक्री में वृद्धि से है, बाजार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है.
  • श्वसन चिकित्सा खंड में पिछले पांच वर्षों में 8% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर देखी गई है, जो 18,913 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
  • अस्थमा-रोधी और COPD उत्पाद बाजार पर हावी हैं, जो बिक्री का 61% हिस्सा हैं और 10% CAGR से बढ़ रहे हैं, जो दीर्घकालिक रखरखाव उपचारों से प्रेरित है.
  • खांसी और जुकाम का बाजार, जो श्वसन संबंधी बिक्री का 24% है, मौसमी कारकों और शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण-संबंधी लक्षणों के कारण मजबूत बना हुआ है.
  • सिस्टमिक एंटीहिस्टामाइन और नाक की तैयारी तेजी से वृद्धि दिखा रही है, जो पर्यावरणीय कारकों से जुड़ी एलर्जी की बढ़ती व्यापकता को दर्शाती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बिगड़ती वायु गुणवत्ता और शहरी जीवनशैली भारत भर में श्वसन संबंधी दवाओं की बिक्री में भारी वृद्धि कर रही है.

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