उन्नाव रेप केस: CBI की चूक से पीड़िता को नुकसान, कोर्ट रिकॉर्ड से खुलासा.

भारत
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CNBC TV18•25-12-2025, 14:03
उन्नाव रेप केस: CBI की चूक से पीड़िता को नुकसान, कोर्ट रिकॉर्ड से खुलासा.
- •दिल्ली हाई कोर्ट के रिकॉर्ड बताते हैं कि CBI उन्नाव रेप पीड़िता का पूरा समर्थन करने में विफल रही, जिससे कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा निलंबित होने पर जनता में असंतोष है.
- •हाई कोर्ट ने सेंगर के खिलाफ POCSO की धारा 5(c) और 6 को रद्द कर दिया, यह मानते हुए कि एक विधायक IPC की धारा 21 के तहत "लोक सेवक" नहीं है, जिसे CBI ने भी स्वीकार किया था.
- •CBI ने 2019 में पीड़िता के परिवार की लोक सेवक के रूप में सेंगर के खिलाफ कड़ी IPC धाराओं के तहत मुकदमा चलाने की याचिका का समर्थन नहीं किया, जिससे याचिका खारिज हो गई.
- •सेंगर अब POCSO की धारा 5 और 6 के आरोपों से बरी हो गए हैं, उन पर केवल धारा 3 (अधिकतम 7 साल की सजा) के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है, जो वह पहले ही काट चुके हैं.
- •ट्रायल कोर्ट ने पाया कि CBI के जांच अधिकारी ने निष्पक्ष जांच नहीं की, जिससे पीड़िता को "नुकसान" हुआ, और मिलीभगत के आरोप भी लगे.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कोर्ट रिकॉर्ड CBI की जांच और कानूनी विफलताओं को उजागर करते हैं, जिससे उन्नाव रेप पीड़िता को नुकसान हुआ.
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