In his detailed affidavit, Malik has told the court that for nearly three decades, he acted as a 'backchannel' for successive Indian Prime Ministers—from Atal Bihari Vajpayee to Manmohan Singh—to foster peace in Kashmir. File pic
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News1829-01-2026, 06:18

दिल्ली HC ने यासीन मलिक की मौत की सजा की अपील में NIA को अंतिम विस्तार दिया.

  • दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक के लिए मौत की सजा की मांग वाली अपील में अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का अंतिम विस्तार दिया है.
  • न्यायमूर्ति नवीन चावला और रविंदर दूडेजा की खंडपीठ ने 22 अप्रैल के लिए मामले को फिर से अधिसूचित किया, यह कहते हुए कि मलिक की वर्तमान स्थिति को देखते हुए कोई "तत्काल आवश्यकता" नहीं है.
  • NIA की अपील मई 2022 के एक ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देती है, जिसमें मलिक को UAPA और IPC अपराधों के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, लेकिन मौत की सजा नहीं दी गई थी, क्योंकि उनके अपराधों को "दुर्लभतम" श्रेणी में नहीं माना गया था.
  • एजेंसी का तर्क है कि आजीवन कारावास "अत्यंत अपर्याप्त" है और राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करता है, खासकर उन "खूंखार आतंकवादियों" के लिए जो दोषी ठहराए जाते हैं.
  • तिहाड़ जेल से वर्चुअली पेश हुए यासीन मलिक ने दावा किया कि उन्होंने कश्मीर में शांति के लिए भारतीय प्रधानमंत्रियों के लिए "बैकचैनल" के रूप में काम किया और मौत की सजा का सामना करने के लिए तैयार होने की बात कही.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दिल्ली HC ने यासीन मलिक की मौत की सजा की अपील के लिए NIA को और समय दिया, तत्काल आवश्यकता नहीं.

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