दिल्ली HC: वकील क्लाइंट दस्तावेज़ों के स्रोत का खुलासा करने के लिए मजबूर नहीं किए जा सकते.

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CNBC TV18•13-01-2026, 18:32
दिल्ली HC: वकील क्लाइंट दस्तावेज़ों के स्रोत का खुलासा करने के लिए मजबूर नहीं किए जा सकते.
- •दिल्ली उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि वकीलों को अपने क्लाइंट की ओर से दायर दस्तावेजों के स्रोत का खुलासा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है.
- •न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि यह भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 126 का उल्लंघन करता है, जो वकील-क्लाइंट विशेषाधिकार की रक्षा करती है.
- •अदालत ने एक सत्र न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया जिसमें McDonald's के वकीलों को यह बताने के लिए हलफनामा दाखिल करने को कहा गया था कि कुछ दस्तावेज कैसे प्राप्त हुए.
- •यह फैसला स्पष्ट करता है कि एक बार जब क्लाइंट वकील को दस्तावेज सौंपता है, तो वह कार्य और परिस्थितियाँ पेशेवर गोपनीयता के दायरे में आती हैं.
- •खुलासा केवल धारा 126 के अपवाद के तहत ही अनुमेय है यदि अवैध उद्देश्य का प्रथम दृष्टया प्रमाण हो, न कि केवल सच्चाई जानने के लिए.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दिल्ली HC ने वकील-क्लाइंट विशेषाधिकार को बरकरार रखा, वकीलों को क्लाइंट दस्तावेज़ों के स्रोत का खुलासा करने से रोका.
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