IIT मद्रास ने तोपखाने में क्रांति लाई: रामजेट गोले से बंदूक की मारक क्षमता 50% बढ़ी.

भारत
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News18•12-01-2026, 21:13
IIT मद्रास ने तोपखाने में क्रांति लाई: रामजेट गोले से बंदूक की मारक क्षमता 50% बढ़ी.
- •IIT मद्रास ने रामजेट-सहायता प्राप्त तोपखाने के गोले विकसित और सफलतापूर्वक परीक्षण किए, जिससे बंदूक की मारक क्षमता लगभग 50% बढ़ गई है.
- •यह नवाचार एक मानक 155 मिमी तोपखाने के गोले के अंदर एक कॉम्पैक्ट रामजेट इंजन को स्थापित करता है, जो पारंपरिक बेस-ब्लीड इकाई की जगह लेता है.
- •परीक्षणों में महत्वपूर्ण रेंज वृद्धि देखी गई: ATAGS 40 किमी से 70 किमी, K9 वज्र 36 किमी से 62 किमी और धनुष 30 किमी से 55 किमी तक.
- •भारतीय सेना के सहयोग से 2020 में शुरू की गई इस परियोजना का देवलाली और पोखरण में व्यापक परीक्षण किया गया, जिसने प्रदर्शन को मान्य किया.
- •यह स्वदेशी सफलता बिना किसी नए प्लेटफॉर्म के मौजूदा बंदूक प्रणालियों को बढ़ाती है, जो आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों के अनुरूप है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: IIT मद्रास के रामजेट गोले तोपखाने की मारक क्षमता को बढ़ाते हैं, जिससे भारत की रक्षा क्षमताएं स्वदेशी रूप से मजबूत होती हैं.
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