स्वदेशी रामजेट शेल से भारतीय तोपखाने की मारक क्षमता बढ़ी; लाहौर, सियालकोट अब रेंज में.

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News18•04-01-2026, 19:20
स्वदेशी रामजेट शेल से भारतीय तोपखाने की मारक क्षमता बढ़ी; लाहौर, सियालकोट अब रेंज में.
- •भारत 155mm तोपखाने के लिए स्वदेशी रामजेट शेल को ऑपरेशनल रूप से तैनात करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है, जिसे IIT Madras और ATB ने विकसित किया है.
- •यह क्रांतिकारी तकनीक ATAGS और K9 Vajra जैसी 155mm तोपों की मारक क्षमता को 30-50% तक बढ़ाकर 60-75 किलोमीटर कर देती है.
- •अब लाहौर और सियालकोट जैसे शहर भारतीय तोपखाने की प्रभावी मारक सीमा में आ जाएंगे, जिससे रणनीतिक गहराई बढ़ेगी.
- •रामजेट शेल बेहतर विशिष्ट आवेग प्रदान करते हैं, जिससे शेल का वजन बढ़ाए बिना या नई तोपों की आवश्यकता के बिना अधिक शक्ति और रेंज मिलती है.
- •आधुनिक युद्ध के लिए गेम-चेंजर, यह दुश्मन के लॉजिस्टिक्स और कमांड सेंटरों पर गहरे हमले सक्षम करेगा, 'Atmanirbhar Bharat' के दृष्टिकोण को मजबूत करेगा.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत के स्वदेशी रामजेट शेल तोपखाने की मारक क्षमता को बढ़ाते हुए युद्ध क्षमताओं और आत्मनिर्भरता को बदल रहे हैं.
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