भारत का 77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर सैन्य शक्ति, स्वदेशी हथियार और यूरोपीय संघ की उपस्थिति

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CNBC TV18•26-01-2026, 12:32
भारत का 77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर सैन्य शक्ति, स्वदेशी हथियार और यूरोपीय संघ की उपस्थिति
- •भारत ने कर्तव्य पथ पर अपने 77वें गणतंत्र दिवस को सैन्य शक्ति के भव्य प्रदर्शन के साथ मनाया, जिसमें मिसाइलें, नई इकाइयाँ और ऑपरेशन सिंदूर में उपयोग की जाने वाली स्वदेशी हथियार प्रणालियाँ शामिल थीं.
- •यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जो यूरोप के बाहर ऐसे आयोजन में यूरोपीय संघ की पहली भागीदारी थी.
- •परेड का विषय 'वंदे मातरम के 150 वर्ष' था, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पारंपरिक बग्घी में पहुंचने के बाद सलामी ली.
- •भारतीय सेना ने पहली बार एक चरणबद्ध 'बैटल एरे फॉर्मेट' का प्रदर्शन किया, जिसमें स्वदेशी बख्तरबंद हल्के विशेषज्ञ वाहन, ध्रुव और रुद्र हेलीकॉप्टर, टी-90 भीष्म, अर्जुन टैंक और नाग मिसाइल प्रणाली शामिल थे.
- •सूर्यस्त्र यूआरएलएस, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और आकाश मिसाइल प्रणाली जैसे प्रमुख हथियार प्रणालियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस ने बढ़ती सैन्य शक्ति, स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय राजनयिक संबंधों को प्रदर्शित किया.
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