भारत का 77वां गणतंत्र दिवस परेड: 'वंदे मातरम' विरासत और आधुनिक सैन्य शक्ति का संगम

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News18•26-01-2026, 17:50
भारत का 77वां गणतंत्र दिवस परेड: 'वंदे मातरम' विरासत और आधुनिक सैन्य शक्ति का संगम
- •भारत ने कर्तव्य पथ पर 77वां गणतंत्र दिवस परेड धूमधाम से मनाया, जिसमें सांस्कृतिक विरासत और उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी का मिश्रण देखने को मिला.
- •परेड ने 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ का सम्मान किया, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय गीत है, जिसमें कलात्मक प्रस्तुतियाँ शामिल थीं.
- •एक चरणबद्ध युद्ध सरणी प्रारूप (Battle Array Format) की शुरुआत हुई, जिसमें घुड़सवार सेना, आधुनिक तोपखाने, मानवरहित प्रणालियों और वायु रक्षा प्लेटफार्मों के साथ भारत की रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया.
- •त्रि-सेवा झांकी, "ऑपरेशन सिंदूर: संयुक्तता के माध्यम से विजय", ने आतंकी बुनियादी ढांचों के खिलाफ समन्वित सैन्य अभियानों पर प्रकाश डाला, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइलें और S-400 सिस्टम शामिल थे.
- •इस आयोजन में Mi-17 हेलीकॉप्टरों के साथ एक हवाई प्रदर्शन, 29 विमानों द्वारा फ्लाईपास्ट और विभिन्न बलों और राज्यों के दिग्गजों, वीरता पुरस्कार विजेताओं और टुकड़ियों को सम्मानित किया गया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 77वें गणतंत्र दिवस परेड ने कर्तव्य पथ पर भारत की समृद्ध विरासत और दुर्जेय सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया.
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