विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान में हिंसा और बढ़ती है, तो अमेरिका की ओर से कड़े कदम उठाए जा सकते हैं. हालांकि कुछ जानकारों का कहना है कि ईरान के लिए सबसे बड़ा खतरा बाहरी हमला नहीं, बल्कि अंदर से टूटती अर्थव्यवस्था है.

उनके मुताबिक सरकार इस दौर के प्रदर्शनों को किसी तरह झेल सकती है, लेकिन आर्थिक संकट का कोई ठोस समाधान उसके पास नहीं है. यही वजह है कि हालात लंबे समय तक अस्थिर रह सकते हैं.
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CNBC Awaaz10-01-2026, 08:20

ईरान में विरोध प्रदर्शन से भारत के चाबहार पोर्ट निवेश पर खतरा, रणनीतिक पहुंच दांव पर.

  • ईरान के 100 से अधिक शहरों में व्यापक विरोध प्रदर्शन भारत के चाबहार पोर्ट में 500 मिलियन डॉलर के निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम पैदा कर रहे हैं.
  • हड़ताल, इंटरनेट बंद और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान जैसे मुद्दे पोर्ट पर कार्गो हैंडलिंग और बुनियादी ढांचे के विकास को प्रभावित कर सकते हैं.
  • चाबहार पोर्ट भारत के लिए पाकिस्तान को दरकिनार कर अफगानिस्तान, मध्य एशिया, रूस और यूरोप तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण है, और INSTC का एक प्रमुख हिस्सा है.
  • INSTC एकीकरण के लिए महत्वपूर्ण चाबहार-ज़ाहेदान रेलवे परियोजना को चल रहे अशांति के कारण श्रम हड़तालों और धन व्यवधानों से खतरा है.
  • भारत को चिंता है कि चीन ईरान में अस्थिरता का लाभ उठाकर अपना प्रभाव बढ़ा सकता है, जिससे ग्वादर पोर्ट के खिलाफ चाबहार की भूमिका कमजोर हो सकती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ईरान के बढ़ते विरोध प्रदर्शन भारत के रणनीतिक चाबहार पोर्ट निवेश और उसकी महत्वपूर्ण क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को खतरे में डाल रहे हैं.

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