Top intelligence sources say Chabahar is central to India’s continental access strategy and its Connect Central Asia Policy (AFP)
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News1809-01-2026, 12:45

ईरान विरोध प्रदर्शनों से चाबहार बंदरगाह पर भारत की चिंता बढ़ी, खुफिया एजेंसियों ने रणनीतिक जोखिमों पर झंडी दिखाई.

  • ईरान के 100 से अधिक शहरों में व्यापक विरोध प्रदर्शनों के कारण भारत के चाबहार बंदरगाह में निवेश पर अनिश्चितता बढ़ गई है.
  • खुफिया सूत्रों ने हड़तालों, इंटरनेट ब्लैकआउट और आपूर्ति-श्रृंखला में व्यवधानों के कारण कार्गो हैंडलिंग और बुनियादी ढांचे के विकास में संभावित देरी की चेतावनी दी है.
  • चाबहार बंदरगाह भारत की महाद्वीपीय पहुंच, कनेक्ट सेंट्रल एशिया नीति और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) के लिए महत्वपूर्ण है.
  • अस्थिरता चाबहार-ज़ाहेदान रेलवे परियोजना को खतरे में डालती है और चीन को अपना प्रभाव बढ़ाने की अनुमति दे सकती है, जिससे भारत के रणनीतिक हितों का मुकाबला होगा.
  • नई दिल्ली स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है, क्योंकि ईरानी अस्थिरता भारत के सबसे महत्वपूर्ण विदेशी रणनीतिक निवेशों में से एक को सीधे चुनौती देती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ईरान के विरोध प्रदर्शन भारत के चाबहार बंदरगाह संचालन के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक जोखिम पैदा करते हैं.

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