कर्नाटक हाईकोर्ट: वीजा निर्णय राज्य का विवेक, कारण बताने की बाध्यता नहीं

भारत
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News18•30-01-2026, 15:08
कर्नाटक हाईकोर्ट: वीजा निर्णय राज्य का विवेक, कारण बताने की बाध्यता नहीं
- •कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि विदेशी नागरिकों को वीजा देने या नवीनीकरण की मांग करने का कोई प्रवर्तनीय अधिकार नहीं है.
- •राज्य वीजा अस्वीकार करने या रद्द करने के कारणों का खुलासा करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है, क्योंकि यह संप्रभु शक्तियों के अंतर्गत आता है.
- •यह फैसला दो नाइजीरियाई नागरिकों द्वारा वीजा रद्द करने और आवाजाही प्रतिबंधों को चुनौती देने वाली अपीलों को खारिज करते हुए आया.
- •स्वतंत्र आवाजाही जैसे संवैधानिक अधिकार भारतीय नागरिकों के लिए हैं; विदेशी नागरिक वीजा समाप्त होने या रद्द होने के बाद इनका दावा नहीं कर सकते.
- •अदालत ने जोर दिया कि वीजा देना एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं, जो आव्रजन मामलों में कार्यकारी विवेक को मजबूत करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कर्नाटक हाईकोर्ट ने वीजा निर्णयों पर राज्य की संप्रभु शक्ति की पुष्टि की, विदेशी नागरिकों के चुनौती देने के अधिकारों को सीमित किया.
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