'तुम उठ खड़े होगे...', महुआ मोइत्रा ने उमर खालिद के लिए लिखी कविता, सियासी घमासान तेज
भारत
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Moneycontrol07-01-2026, 14:10

महुआ मोइत्रा की उमर खालिद पर कविता से सियासी घमासान तेज.

  • टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज होने के बाद उनके समर्थन में एक कविता साझा की.
  • सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया, जबकि पांच अन्य को जमानत मिली.
  • अदालत के फैसले के बाद, जेएनयू छात्रों ने कथित तौर पर पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए, जिसकी कड़ी आलोचना हुई.
  • देवेंद्र फडणवीस, शहजाद पूनावाला और आशीष सूद जैसे नेताओं ने जेएनयू के नारों की निंदा करते हुए उन्हें "देश विरोधी" और "राजद्रोह" बताया.
  • यह विवाद भारत में असहमति, न्यायिक प्रक्रियाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा पर चल रही बहस को उजागर करता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: महुआ मोइत्रा की उमर खालिद पर कविता ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया, जिससे असहमति और न्यायिक फैसलों पर बहस तेज हो गई.

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