'महेंद्र कर्मा को मारकर गर्व है': आत्मसमर्पित माओवादी कबीर ने झीरम घाटी नरसंहार का खुलासा किया.

भारत
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News18•08-01-2026, 10:03
'महेंद्र कर्मा को मारकर गर्व है': आत्मसमर्पित माओवादी कबीर ने झीरम घाटी नरसंहार का खुलासा किया.
- •झीरम घाटी नरसंहार के प्रमुख आरोपी आत्मसमर्पित माओवादी कबीर ने News18 को दिए विशेष साक्षात्कार में महेंद्र कर्मा को मारने पर गर्व व्यक्त किया, लेकिन अन्य मौतों पर खेद जताया.
- •कबीर ने खुलासा किया कि 2013 का झीरम घाटी हमला एक सुनियोजित था, जिसका प्रारंभिक लक्ष्य पुलिस काफिला था, लेकिन पोलित ब्यूरो के आदेश पर महेंद्र कर्मा को निशाना बनाया गया.
- •उसने कर्मा की हत्या को यह कहकर उचित ठहराया कि उसने बस्तर में अत्याचार किए, जिसमें सलवा जुडूम शुरू करना, गांवों को जलाना और बलात्कार शामिल थे.
- •14 साल की उम्र में माओवादी आंदोलन में शामिल हुए कबीर ने 30 साल बाद बालाघाट, मध्य प्रदेश में आत्मसमर्पण किया, जिसका कारण व्यक्तिगत क्षति और सुरक्षा अभियानों से कमजोर हुई माओवादी संरचना थी.
- •उसने चेतावनी दी कि महेंद्र कर्मा जैसे नेता ही नक्सलियों को जन्म देते हैं और उसके आत्मसमर्पण के बावजूद कई भूमिगत हैं, सरकार से अपने वादे पूरे करने का आग्रह किया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शीर्ष माओवादी कबीर ने झीरम घाटी नरसंहार का विवरण दिया, महेंद्र कर्मा की हत्या को उचित ठहराया और अपने आत्मसमर्पण का कारण बताया.
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