महेंद्र कर्मा की हत्या पर गर्व: आत्मसमर्पित माओवादी कबीर का झीरम घाटी नरसंहार पर खुलासा.

भारत
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Moneycontrol•08-01-2026, 12:50
महेंद्र कर्मा की हत्या पर गर्व: आत्मसमर्पित माओवादी कबीर का झीरम घाटी नरसंहार पर खुलासा.
- •आत्मसमर्पित माओवादी कबीर (सोडी सोमा/सुरिंदर) ने News18 को बताया कि उन्हें 2013 के झीरम घाटी नरसंहार में महेंद्र कर्मा को मारने पर "गर्व" है, जबकि अन्य मौतों को "संपार्श्विक" बताया.
- •पूर्व शीर्ष माओवादी कमांडर कबीर ने खुलासा किया कि झीरम घाटी हमला एक सुनियोजित योजना थी, जिसका प्रारंभिक लक्ष्य पुलिस काफिला था, लेकिन बाद में पोलित ब्यूरो के आदेश पर महेंद्र कर्मा को निशाना बनाया गया.
- •उन्होंने कर्मा को "बुरा" बताया, उन पर सलवा जुडूम लाने, बस्तर को नष्ट करने और हिंसा फैलाने का आरोप लगाया, और हमले के दौरान कर्मा के आत्मसमर्पण के बावजूद उनकी हत्या को उचित ठहराया.
- •14 साल की उम्र में माओवादी आंदोलन में शामिल हुए और 30 साल बिताने वाले कबीर ने कमजोर संगठन, सूखे धन और व्यक्तिगत नुकसान का हवाला देते हुए दिसंबर में बालाघाट पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
- •उन्होंने बुनियादी ढांचे को नष्ट करने पर खेद व्यक्त किया और अब संविधान में विश्वास करते हैं, लेकिन चेतावनी दी कि "जल, जंगल, जमीन" के मुद्दे और कर्मा जैसे नेता नक्सलवाद को बढ़ावा देते रहेंगे.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आत्मसमर्पित माओवादी कबीर की चौंकाने वाली स्वीकारोक्ति झीरम घाटी नरसंहार की योजना और उद्देश्यों पर प्रकाश डालती है.
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