With electoral bonds now consigned to history, Prudent's role has become central to political funding. (News18 Hindi/AI-Generated)
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News1822-12-2025, 18:26

इलेक्टोरल बॉन्ड प्रतिबंध के बाद प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट बना राजनीतिक फंडिंग का केंद्र.

  • सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी, 2024 को इलेक्टोरल बॉन्ड पर प्रतिबंध लगाया, राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता पर जोर दिया.
  • प्रतिबंध के बाद, प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट राजनीतिक फंडिंग का मुख्य माध्यम बन गया, 2024-25 में अनुमानित 2,668 करोड़ रुपये पार्टियों को दिए.
  • भाजपा को 2,180 करोड़ रुपये और कांग्रेस को 216 करोड़ रुपये मिले, जिसमें से अधिकांश प्रूडेंट के माध्यम से आए.
  • 2013 में स्थापित प्रूडेंट (पहले सत्य इलेक्टोरल ट्रस्ट), भारती एयरटेल, डीएलएफ जैसे कॉर्पोरेट दानदाताओं के लिए एक माध्यम है.
  • दानदाताओं के नाम सार्वजनिक हैं, लेकिन सटीक राशि गोपनीय है; ऐतिहासिक रूप से, लगभग 80% फंड भाजपा को जाते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: इलेक्टोरल बॉन्ड प्रतिबंध के बाद प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट राजनीतिक फंडिंग का केंद्र बन गया है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं.

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