सुप्रीम कोर्ट में UGC के जातिगत भेदभाव की परिभाषा को चुनौती देने वाली याचिका

भारत
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CNBC TV18•27-01-2026, 14:09
सुप्रीम कोर्ट में UGC के जातिगत भेदभाव की परिभाषा को चुनौती देने वाली याचिका
- •सुप्रीम कोर्ट में UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा) विनियम, 2026 को चुनौती देने वाली याचिका दायर की गई है.
- •याचिका में आरोप लगाया गया है कि विनियमन 3(c) जाति-आधारित भेदभाव की गैर-समावेशी परिभाषा अपनाता है.
- •यह SC, ST और OBC श्रेणियों तक ही सुरक्षा सीमित करता है, सामान्य वर्ग के व्यक्तियों को बाहर करता है जो जातिगत पूर्वाग्रह का सामना कर सकते हैं.
- •विनीत जिंदल द्वारा दायर याचिका में तर्क दिया गया है कि यह सुरक्षा का एक असंवैधानिक पदानुक्रम बनाता है.
- •यह सभी व्यक्तियों की रक्षा के लिए जातिगत भेदभाव को जाति-तटस्थ तरीके से फिर से परिभाषित करने की मांग करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट से UGC की जातिगत भेदभाव की परिभाषा को व्यापक बनाने का आग्रह, ताकि सभी को सुरक्षा मिले.
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