PM Narendra Modi during his earlier visits to the Somnath Temple in Gujarat. (narendramodi.in)
भारत
N
News1805-01-2026, 15:24

सोमनाथ मंदिर: 1000 साल का अटूट विश्वास और बार-बार हमलों के बावजूद लचीलापन.

  • सोमनाथ मंदिर "स्वाभिमान पर्व" मना रहा है, जो 1026 ईस्वी में पहले बड़े आक्रमण के 1000 साल और 1951 में आधुनिक प्राण प्रतिष्ठा के 75 साल पूरे होने का प्रतीक है.
  • भारत की सभ्यतागत आत्मा का प्रतीक यह मंदिर महमूद गजनवी, अलाउद्दीन खिलजी और औरंगजेब जैसे आक्रमणकारियों द्वारा बार-बार नष्ट किया गया, लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ.
  • स्वतंत्रता के बाद, सरदार वल्लभभाई पटेल ने मंदिर के पुनर्निर्माण का नेतृत्व किया, इसे सभ्यतागत उपचार के रूप में देखा, जिसका समर्थन के.एम. मुंशी ने भी किया.
  • प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने पुनर्निर्माण और 1951 के उद्घाटन में राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की भागीदारी का विरोध किया, इसे "हिंदू पुनरुत्थानवाद" और विदेशी धारणा की चिंता बताया.
  • नेहरू के विरोध के बावजूद, राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर का उद्घाटन किया, यह asserting करते हुए कि विरासत का सम्मान राष्ट्रीय आत्म-सम्मान को मजबूत करता है, सोमनाथ की शाश्वत नवीनीकरण की भावना को दर्शाता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट भावना का प्रतीक है, जो बार-बार खंडहरों से उठकर अटूट विश्वास के साथ खड़ा है.

More like this

Loading more articles...