सोमनाथ मंदिर: 17 बार लूटा, हर बार उठा, भारत की अटूट सभ्यता का प्रतीक.
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News1805-01-2026, 18:45

सोमनाथ मंदिर: 17 बार लूटा, हर बार उठा, भारत की अटूट सभ्यता का प्रतीक.

  • 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर 17 बार लूटा गया, पर हर बार फिर से खड़ा हुआ, जो भारत की अटूट सभ्यता का प्रतीक है.
  • इसका 1000 साल का इतिहास महमूद गजनवी (1026 ईस्वी) से औरंगजेब तक के हमलों से भरा है, जिन्होंने इसे बार-बार नष्ट करने का प्रयास किया.
  • बार-बार विनाश के बावजूद, इसे हिंदू शासकों, रानी अहिल्याबाई होल्कर और स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने पुनर्निर्मित किया.
  • अल-बिरूनी और स्वामी विवेकानंद ने सोमनाथ को भारत के एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, आर्थिक और ऐतिहासिक केंद्र के रूप में रेखांकित किया.
  • सरदार पटेल द्वारा शुरू किए गए आधुनिक मंदिर के पुनर्निर्माण का नेहरू ने विरोध किया, लेकिन डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसका उद्घाटन कर राष्ट्रीय विरासत का सम्मान किया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट भावना का प्रतीक है, जो हर विनाश के बाद एक हजार वर्षों से मजबूत होकर खड़ा हुआ है.

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