सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण विरोधी कानूनों पर केंद्र, 12 राज्यों से जवाब मांगा.

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CNBC TV18•02-02-2026, 16:10
सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण विरोधी कानूनों पर केंद्र, 12 राज्यों से जवाब मांगा.
- •सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल काउंसिल ऑफ चर्चेस इन इंडिया (NCCI) द्वारा दायर जनहित याचिका पर केंद्र और 12 राज्यों को नोटिस जारी किया, जिसमें धर्मांतरण विरोधी कानूनों को चुनौती दी गई है.
- •NCCI ने वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा के माध्यम से इन राज्य कानूनों के संचालन पर रोक लगाने की भी मांग की.
- •मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा और नई याचिकाओं को लंबित याचिकाओं के साथ तीन-न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए टैग किया.
- •सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि इसी तरह की याचिकाएं लंबित हैं और केंद्र का जवाब तैयार है.
- •जनहित याचिका विशेष रूप से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, उत्तराखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों के कानूनों को चुनौती देती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण विरोधी कानूनों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर केंद्र और 12 राज्यों से जवाब मांगा.
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