ईयू और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते भारत में विनिर्माण क्रांति ला सकते हैं.

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News18•19-02-2026, 16:31
ईयू और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते भारत में विनिर्माण क्रांति ला सकते हैं.
- •अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ नए व्यापार समझौतों से भारत की विनिर्माण शक्ति के रूप में क्षमता खुलने की उम्मीद है, जो उसकी पिछली संरक्षणवादी नीति से एक बदलाव है.
- •भारत के अस्थायी संरक्षणवाद (2014-2021) में घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने के लिए टैरिफ बढ़ाना और जीएसटी लागू करना शामिल था, ताकि वैश्विक स्तर पर फिर से जुड़ने से पहले तैयारी की जा सके.
- •'मेक इन इंडिया' पहल और उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं ने एक उभरते विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा दिया, जिससे 'चीन+1' रणनीति के तहत वैश्विक पूंजी आकर्षित हुई.
- •अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ हालिया अंतरिम व्यापार समझौते टैरिफ को काफी कम करते हैं, जिससे भारतीय कम लागत वाले, श्रम-गहन उत्पादों को विशाल, उच्च-मूल्य वाले बाजारों तक पहुंच मिलती है.
- •ये समझौते, जिनमें यूरोपीय लक्जरी कारों पर टैरिफ कटौती और अमेरिकी बाजारों में भारतीय घटकों के लिए शून्य-शुल्क पहुंच शामिल है, भारत को विनिर्माण निर्यात में वृद्धि और गहरे स्थानीयकरण के लिए तैयार करते हैं.
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