मणिपुर का याओशांग महोत्सव: पूर्वोत्तर की रंगीन होली, जानें इसका महत्व.

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CNBC TV18•26-02-2026, 12:15
मणिपुर का याओशांग महोत्सव: पूर्वोत्तर की रंगीन होली, जानें इसका महत्व.
- •याओशांग मणिपुर का पांच दिवसीय प्रमुख वसंत उत्सव है, जिसे 'मणिपुरी होली' भी कहा जाता है, जिसमें खेल, रंग और थाबल चोंगबा जैसे स्थानीय नृत्य शामिल हैं.
- •यह मैतेई समुदाय से उत्पन्न हुआ है और वैष्णव धर्म से पहले मौजूद था, लेकिन बाद में इसमें कृष्ण से संबंधित हिंदू अनुष्ठानों को शामिल किया गया.
- •उत्सव की शुरुआत याओशांग मेई थाबा से होती है, जिसमें बांस और घास से बनी झोपड़ी को जलाया जाता है, जो बुराई के उन्मूलन और पुनर्जन्म का प्रतीक है.
- •प्रमुख अनुष्ठानों में नकाथेंग (बच्चों द्वारा उपहार एकत्र करना), थाबल चोंगबा (चांदनी में लोक नृत्य) और निंगथौरोल शाओखतपा (सामुदायिक धन उगाही) शामिल हैं.
- •उत्सव का समापन ब्रजमाई जुलूस और हलानकर नृत्य के साथ होता है, जिसके बाद रंगों की बौछार होती है, और इसमें पारंपरिक शाकाहारी व्यंजन शामिल होते हैं.
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