The real danger of the new face of dowry is not just its persistence, but its invisibility. (Representative image: Getty)
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News1815-12-2025, 08:32

दहेज का नया चेहरा: 'उपहार' के रूप में आधुनिक शादियों में बोझ.

  • दहेज अब खुले तौर पर नहीं मांगा जाता, बल्कि "उपहार" या "कोई मांग नहीं" के रूप में शादियों में प्रवेश करता है.
  • यह "उपहार" दुल्हन के परिवार पर सामाजिक दबाव बनाता है, जिससे उन्हें अपनी बेटी के लिए "सर्वश्रेष्ठ" देने की उम्मीद की जाती है.
  • नकद, वाहन, आभूषण और घरेलू सामान जैसे "उपहार" अक्सर बिना किसी स्पष्ट मांग के दिए जाते हैं, लेकिन ये अपेक्षाएं स्पष्ट रूप से समझी जाती हैं.
  • कानूनी रूप से इसे "उपहार" कहा जाता है, जिससे दहेज विरोधी कानूनों को लागू करना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि इरादा साबित करना कठिन होता है.
  • अध्ययनों से पता चलता है कि दुल्हन का परिवार दूल्हे के परिवार की तुलना में "उपहारों" पर काफी अधिक खर्च करता है, जिससे वित्तीय असमानता बनी रहती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दहेज 'उपहार' के रूप में आज भी परिवारों पर अप्रत्यक्ष बोझ डाल रहा है.

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