The end of “more” doesn’t mean the end of ambition or creativity. It means ambition is being measured differently. Beauty doesn’t need to shout to be seen. Fashion doesn’t need to overwhelm to feel relevant. Jewellery doesn’t need to chase moments to matter.
जीवनशैली
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News1822-01-2026, 08:35

फैशन और ब्यूटी में बदलाव: 'अधिक' का अंत और इरादे का उदय

  • फैशन, ब्यूटी, स्किनकेयर और ज्वेलरी में 'अधिक बेहतर है' का युग, जो 2016 के आसपास प्रचलित था, अब समाप्त हो रहा है, जिसकी जगह परिपक्वता और इरादे पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.
  • डॉ. गगन रैना के अनुसार, स्किनकेयर आक्रामक 10-स्टेप रूटीन से हटकर कम उत्पादों और सक्रिय तत्वों की ओर बढ़ रहा है, जो अत्यधिक उत्तेजना के बजाय शांत, स्थिर त्वचा को प्राथमिकता देता है.
  • करिबो कॉस्मेटिक्स के अनुसार, मेकअप के रुझान पूर्ण कवरेज और भारी कंटूरिंग से हटकर प्राकृतिक त्वचा का सम्मान करने, बनावट, आराम और लचीले अनुप्रयोग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.
  • एवरब्राइट ज्वेलरी के मेहुल जैन के अनुसार, आज के उपभोक्ता भावनात्मक और नैतिक इरादे के साथ कम, अधिक सार्थक गहनों को पसंद कर रहे हैं, जो शोरगुल वाले, क्षण-आधारित डिजाइनों से दूर जा रहे हैं.
  • सियोराई की अलना जैद बताती हैं कि फैशन अतिवाद और तेजी से बदलते रुझानों से हटकर विवेक की ओर बढ़ रहा है, जो बहुमुखी, अच्छी तरह से बने कपड़ों को महत्व देता है जो वास्तविक जीवन में एकीकृत होते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: फैशन और ब्यूटी उद्योग अत्यधिकता से आगे बढ़कर इरादे, गुणवत्ता और उपभोक्ता बुद्धिमत्ता को अपना रहे हैं.

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