शहरी भारत में बढ़ रही लिवर की बीमारी: 'घर का खाना' भी नहीं बचा रहा
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News18•02-04-2026, 07:06
शहरी भारत में बढ़ रही लिवर की बीमारी: 'घर का खाना' भी नहीं बचा रहा
•घर के खाने के बावजूद, शहरी भारत में लिवर संबंधी बीमारियाँ, खासकर फैटी लिवर रोग, तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे हर तीन में से एक भारतीय प्रभावित है.
•भारतीय आहार में कार्बोहाइड्रेट की अधिकता (चावल, चपाती, आलू) होती है, जिससे लिवर अतिरिक्त ग्लूकोज को वसा में बदल देता है; बिस्कुट, मिठाइयों और चाय से चीनी का अधिक सेवन इसे और बढ़ाता है.
•संतृप्त और अस्वास्थ्यकर वसा का अत्यधिक सेवन, जिसे अक्सर घर के खाने में पौष्टिक माना जाता है, चुपचाप लिवर में वसा जमा होने में योगदान देता है.
•शहरी जीवनशैली, विशेषकर आईटी और सेवा क्षेत्रों में, कैलोरी जलाने की क्षमता को कम करती है, जिससे लिवर जैसे महत्वपूर्ण अंगों में वसा जमा हो जाती है.
•"एशियाई विरोधाभास" का अर्थ है कि कई भारतीय पतले दिखते हैं लेकिन उनके आंतरिक अंगों के आसपास खतरनाक विसरल वसा होती है, जिससे वे फैटी लिवर रोग के प्रति संवेदनशील होते हैं, जो मधुमेह और मिलावटी भोजन तथा कीटनाशकों के संपर्क से और बढ़ जाता है.