तनाव का युवाओं की त्वचा पर शुरुआती असर: मुंहासे और बालों का झड़ना अब कम उम्र में
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तनाव युवाओं की त्वचा को पहले से प्रभावित कर रहा: 18-25 आयु वर्ग में मुंहासे, बालों का झड़ना बढ़ा.
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News18•28-02-2026, 10:15
तनाव युवाओं की त्वचा को पहले से प्रभावित कर रहा: 18-25 आयु वर्ग में मुंहासे, बालों का झड़ना बढ़ा.
•त्वचा विज्ञान के आंकड़ों से पता चलता है कि तनाव से संबंधित त्वचा संबंधी समस्याएं जैसे मुंहासे अब 26-35 के बजाय 18-25 वर्ष के युवाओं को अधिक प्रभावित कर रही हैं.
•तनाव हार्मोन, विशेष रूप से कोर्टिसोल, तेल उत्पादन को बढ़ाते हैं, जिससे मुंहासे और खोपड़ी में जलन होती है.
•दीर्घकालिक तनाव त्वचा के सुरक्षात्मक अवरोध को कमजोर करता है, जिससे यह जलन, सूखापन और सूजन के प्रति संवेदनशील हो जाती है.
•क्लिनिकली डेटा से पता चलता है कि कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस और डैंड्रफ जैसी स्थितियों में 300-400% की वृद्धि हुई है, जो व्यापक अवरोध व्यवधान का संकेत है.
•तनाव खोपड़ी के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है, जिससे सूजन, डैंड्रफ, खुजली और बालों का झड़ना बढ़ जाता है.