Modern parenting is stretched thin. But emotional strength doesn’t require extra hours, just small, consistent connections. We break down how working parents can nurture resilience in children between the rush. (Pic credit: Pexels)
जीवनशैली
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Moneycontrol12-01-2026, 13:45

व्यस्त माता-पिता अपने बच्चों को भावनात्मक रूप से मजबूत कैसे बनाएं

  • बच्चों में भावनात्मक शक्ति के लिए अंतहीन समय या त्रुटिहीन पालन-पोषण नहीं, बल्कि रोजमर्रा के पलों में गुणवत्तापूर्ण जुड़ाव की आवश्यकता होती है.
  • बच्चे अपने माता-पिता को अपनी भावनाओं को प्रबंधित करते हुए देखकर आत्म-नियमन सीखते हैं, जैसे तनाव स्वीकार करना या गरमागरम बातचीत के बाद शांत होना.
  • बच्चों को अपनी भावनाओं (जैसे निराश, परेशान) का नाम बताने में मदद करना और बिना तत्काल निर्णय के इन भावनाओं को स्वीकार करना लचीलापन पैदा करता है.
  • संघर्षों के बाद माफी या स्पष्टीकरण के माध्यम से रिश्तों को सुधारना बच्चों को सिखाता है कि रिश्ते ठीक हो सकते हैं और जवाबदेही को प्रोत्साहित करता है.
  • सोने से पहले की बातचीत या साझा भोजन जैसी लगातार छोटी आदतें सुरक्षा और विश्वसनीयता की भावना पैदा करती हैं, यह पुष्ट करती हैं कि मदद हमेशा उपलब्ध है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: रोजमर्रा की बातचीत और माता-पिता का भावनात्मक मॉडलिंग लचीले, भावनात्मक रूप से बुद्धिमान बच्चों के पालन-पोषण की कुंजी है.

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