बच्चों के स्क्रीन टाइम पर माता-पिता को क्या जानना चाहिए?

जीवनशैली
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Moneycontrol•27-01-2026, 13:29
बच्चों के स्क्रीन टाइम पर माता-पिता को क्या जानना चाहिए?
- •बच्चों के अत्यधिक स्क्रीन टाइम से बोलने में देरी, ध्यान अवधि कम होना, बेचैन रातें और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है.
- •बचपन में मस्तिष्क का विकास वास्तविक दुनिया की बातचीत पर निर्भर करता है, जिसे निष्क्रिय स्क्रीन देखने से पूरा नहीं किया जा सकता.
- •नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के शोध से पता चलता है कि अधिक स्क्रीन टाइम का संबंध बाद के जीवन में संज्ञानात्मक और व्यवहार संबंधी अंतर से है.
- •सोने से पहले स्क्रीन का उपयोग नींद के पैटर्न को बाधित करता है, जिससे बच्चों के मूड, ध्यान और आवेग नियंत्रण पर असर पड़ता है.
- •स्वस्थ विकास के लिए निष्क्रिय स्क्रीन टाइम को खेल, बातचीत और साझा गतिविधियों से बदलने की सलाह दी जाती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बच्चों के विकास संबंधी समस्याओं से बचने के लिए स्क्रीन टाइम सीमित करें; वास्तविक बातचीत और खेल को प्राथमिकता दें.
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