Property Rules
महाराष्ट्र
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News1825-01-2026, 09:14

पैतृक संपत्ति में हिस्सा न मिलने पर क्या करें? जानें अपने अधिकार और कानूनी उपाय.

  • भारत में संपत्ति विवाद आम हैं, जो अक्सर पैसे और जमीन के लालच के कारण पारिवारिक संबंधों में तनाव पैदा करते हैं.
  • पैतृक संपत्ति, जो चार पीढ़ियों तक विरासत में मिलती है, उसमें बेटों और बेटियों दोनों को जन्म से अधिकार प्राप्त होते हैं.
  • हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के 2005 के संशोधन ने बेटियों को पैतृक संपत्ति में बेटों के समान अधिकार दिए हैं.
  • यदि हिस्सा नहीं मिल रहा है, तो कानूनी नोटिस भेजा जा सकता है, जिसके बाद सिविल कोर्ट में संपत्ति विभाजन का मुकदमा दायर किया जा सकता है.
  • विवाद के दौरान संपत्ति की बिक्री रोकने के लिए कोर्ट से स्थगन आदेश (इन्junction) मांगा जा सकता है, और यदि संपत्ति सहमति के बिना बेची गई है तो खरीदार को भी पक्षकार बनाया जा सकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अपने पैतृक संपत्ति अधिकारों को समझें और परिवार के विरोध पर अपना वैध हिस्सा पाने के लिए कानूनी रास्ते अपनाएं.

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