पिता की संपत्ति पर अधिकार: अनरजिस्टर्ड वसीयत भी मान्य, पर एक गलती पड़ सकती है भारी.

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News18•31-01-2026, 09:15
पिता की संपत्ति पर अधिकार: अनरजिस्टर्ड वसीयत भी मान्य, पर एक गलती पड़ सकती है भारी.
- •माता-पिता की मृत्यु के बाद संपत्ति विवादों के कारण भाई-बहनों में अक्सर अदालती लड़ाई होती है.
- •पिता की स्वयं अर्जित संपत्ति व्यक्तिगत होती है; वह इसे वसीयत के माध्यम से अपनी इच्छानुसार दे सकते हैं, पैतृक संपत्ति के विपरीत.
- •भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के तहत एक अनरजिस्टर्ड वसीयत कानूनी रूप से मान्य है, बशर्ते यह धोखाधड़ी या दबाव में न लिखी गई हो.
- •यदि पिता बिना वसीयत के मर जाते हैं, तो 2005 के संशोधन अधिनियम के अनुसार सभी बेटों और बेटियों को संपत्ति में समान अधिकार मिलता है.
- •वसीयत में शामिल न की गई संपत्ति सभी बच्चों में समान रूप से वितरित होती है, जबकि निर्दिष्ट संपत्ति नामित लाभार्थियों को मिलती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: स्वयं अर्जित संपत्ति के लिए अनरजिस्टर्ड वसीयत मान्य है, लेकिन स्पष्ट, रजिस्टर्ड वसीयत विवादों को रोकती है.
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