राजमाता जिजाऊ जयंती! चार मुलानंतर कन्यारत्न, हत्तीवरून वाटली साखर, आजही इतिहासाची साक्ष देतोय सिंदखेडचा वाडा
बुलढाणा
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News1812-01-2026, 09:02

राजमाता जिजाऊ जयंती: सिंदखेड के महल में जन्मीं स्वराज्य की शिल्पकार, इतिहास आज भी साक्षी.

  • स्वराज्य की शिल्पकार राजमाता जिजाऊ का जन्म 12 जनवरी, 1598 को बुलढाणा जिले के सिंदखेड राजा में हुआ था.
  • उनका जन्म लखुजीराजे जाधव के महल के म्हलसामहल में हुआ था, जो चार बेटों के बाद एक बेटी के रूप में आया था.
  • लखुजी जाधव ने हाथी पर बैठकर शक्कर और पान बांटे, जो उस युग में बेटी के जन्म के प्रति उनकी दूरदर्शिता दर्शाता है.
  • जिजाऊ ने इसी महल में घुड़सवारी, हथियार चलाने, युद्धकला, ज्ञान और राजनीति की शिक्षा प्राप्त की.
  • इतिहासकार विनोद ठाकरे के अनुसार, यह लखुजी जाधव की महिला शिक्षा के प्रति दूरदर्शिता को दर्शाता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: राजमाता जिजाऊ का जन्म, एक बेटी के रूप में, महिला सशक्तिकरण और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक है.

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