राजमाता जिजाऊ की रंगपंचमी: खेल-खेल में कैसे तय हुआ जिजाऊ-शहाजीराजे का विवाह

बुलढाणा
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News18•12-01-2026, 13:11
राजमाता जिजाऊ की रंगपंचमी: खेल-खेल में कैसे तय हुआ जिजाऊ-शहाजीराजे का विवाह
- •छत्रपति शिवाजी महाराज जैसी महान संतान को जन्म देने वाली राजमाता जिजाऊ की जयंती आज उत्साह से मनाई जा रही है.
- •जिजाऊ के बचपन की अनगिनत यादों का गवाह उनका पैतृक महल आज भी सिंदखेड राजा में मौजूद है.
- •रंगपंचमी के दिन 6 साल की जिजाऊ और 8-9 साल के शहाजीराजे रंग खेलते हुए लाखुजीराव जाधव की गोद में बैठे थे.
- •लाखुजीराव के मुंह से अनायास निकला, "क्या सुंदर लक्ष्मीनारायण की जोड़ी है!", जिसे मालोजीराजे ने विवाह प्रस्ताव मान लिया.
- •लाखुजीराव के 25 हजारी और मालोजीराजे के 5 हजारी मनसबदार होने के बावजूद यह विवाह देवगिरी किले में धूमधाम से संपन्न हुआ.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बचपन में रंग खेलते हुए एक सहज टिप्पणी ने राजमाता जिजाऊ और शहाजीराजे के ऐतिहासिक विवाह का मार्ग प्रशस्त किया.
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