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जालना में 102 साल पुरानी महाप्रसाद की अनूठी परंपरा: 2 ट्रैक्टर उंबरा सब्जी, 50 क्विंटल गेहूं की चपातियां
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जालना की 102 साल पुरानी महाप्रसाद परंपरा: 2 ट्रैक्टर उंबर भाजी, 50 क्विंटल चपाती
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News18
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18-02-2026, 12:06
जालना की 102 साल पुरानी महाप्रसाद परंपरा: 2 ट्रैक्टर उंबर भाजी, 50 क्विंटल चपाती
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जालना के मौजपुरी में श्री क्षेत्र रामेश्वर में शिवयोगी स्वामी की पुण्यतिथि पर 102 साल पुरानी महाप्रसाद की अनूठी परंपरा मनाई जाती है.
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महाप्रसाद में उंबरधोड्याची भाजी, फीके दाल और चपाती शामिल होती है, जो भारी मात्रा में तैयार की जाती है.
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दो ट्रैक्टर उंबरधोड्याची भाजी और 50 क्विंटल गेहूं की चपाती बनाई जाती है, जिसमें सभी सामग्री और श्रम ग्रामीणों द्वारा स्वेच्छा से योगदान किया जाता है.
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चपाती इतनी बड़ी बनाई जाती है कि वे सिद्धेश्वर मंदिर की घंटी तक पहुंचती हैं, जो यह दर्शाता है कि कितने भी भक्त आएं, महाप्रसाद कभी कम नहीं पड़ेगा.
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यह परंपरा, जिसे महाराष्ट्र का पहला ऐसा सामुदायिक भोज माना जाता है, महाप्रसाद के मेनू के लिए शिवयोगी स्वामी के निर्देशों का सख्ती से पालन करती है.
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