बस्तर में 9 दिन का लक्ष्मी जगार: सदियों पुरानी परंपरा आज भी जीवित.

बस्तर
N
News18•18-02-2026, 13:44
बस्तर में 9 दिन का लक्ष्मी जगार: सदियों पुरानी परंपरा आज भी जीवित.
- •छत्तीसगढ़ के बस्तर में फसल कटाई के बाद 9 दिनों तक लक्ष्मी जगार मनाया जाता है, जो प्राचीन परंपरा और संस्कृति को दर्शाता है.
- •इस जगार में धनुष से ध्वनि उत्पन्न कर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है, जिसमें धान से लक्ष्मी-नारायण के विवाह की रस्में निभाई जाती हैं.
- •जगार चार प्रकार के होते हैं: अठे जगार, तीजा जगार, लक्ष्मी जगार और बाली जगार, जो खेती और अनाज से जुड़े विश्वासों को दर्शाते हैं.
- •गुरुमाई धनुष से देवी-देवताओं का आह्वान करती हैं और रानी लक्ष्मी व राजा नारायण की कहानी सुनाने वाले जगार गीत गाती हैं, साथ में मोहरी वाद्य यंत्र भी बजता है.
- •यह सदियों पुरानी परंपरा परिवार की शांति और कल्याण के लिए की जाती है, जिसमें लक्ष्मी का प्रतीक धान खेतों से लाकर पूजा की जाती है.
✦
More like this
Loading more articles...





