भरतपुर में आंवले की खेती और मुनाफा
कृषि
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News1804-02-2026, 09:05

भरतपुर के किसान आंवले की खेती से हो रहे मालामाल, पारंपरिक फसलों को छोड़ा

  • भरतपुर के भुसावर और छोकरवाड़ा क्षेत्रों के किसान पारंपरिक फसलों की जगह आंवले की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं.
  • यहां का आंवला अपने बड़े आकार, मोटाई और बेहतरीन गुणवत्ता के लिए जाना जाता है, जिसकी अचार उद्योग में भारी मांग है.
  • अनुकूल मिट्टी और जलवायु, साथ ही प्राकृतिक स्वाद और औषधीय गुण, उच्च उपज और बाजार में मांग में योगदान करते हैं.
  • स्थानीय प्रसंस्करण इकाइयां अब आंवले का अचार, चटनी, जैम और पापड़ बना रही हैं, जिनकी ग्रामीण और शहरी बाजारों में उच्च मांग है.
  • आंवले की खेती में कम लागत, आसान रखरखाव, लंबे समय तक उपज और स्थिर आय मिलती है, जिससे यह एक अत्यधिक लाभदायक व्यवसाय बन गया है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भरतपुर में आंवले की खेती किसानों को उच्च मांग, कम लागत और स्थिर आय के साथ आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है.

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