काली हल्दी की खेती का तरीका: बाजार में जबरदस्त मांग और किसानों को मिल रहा अनुदान
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काली हल्दी की खेती: बाजार में भारी मांग, किसानों को मिल रहा अनुदान, बंपर मुनाफा.
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News18•14-02-2026, 14:32
काली हल्दी की खेती: बाजार में भारी मांग, किसानों को मिल रहा अनुदान, बंपर मुनाफा.
•काली हल्दी (Curcuma caesia) में करक्यूमिन की मात्रा अधिक होती है, जिससे यह एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और इम्यूनिटी बूस्टर है.
•इसकी पहचान केले जैसी पत्तियों और नीले-काले प्रकंद से होती है, यह सामान्य हल्दी से अलग है और कम मात्रा में उपयोग की जाती है.
•बुवाई मध्य अप्रैल से जून के पहले सप्ताह तक होती है, फसल 9-10 महीने में पकती है और प्रति हेक्टेयर 300-400 क्विंटल उत्पादन देती है.
•बाजार में इसका मूल्य सामान्य हल्दी से काफी अधिक (200-300 रुपये प्रति किलोग्राम) है, जिससे किसानों को प्रति हेक्टेयर 4-5 लाख रुपये का मुनाफा हो सकता है.
•बागवानी विभाग की MIDH योजना के तहत इसकी खेती के लिए अनुदान सुविधा उपलब्ध है, जिससे किसान इसे एक लाभदायक औषधीय फसल बना सकते हैं.